स्वामी काशिकानन्द

स्वामी काशिकानन्द जी के सम्बन्ध मेँ हमने बहुत सुना था। जब उनसे मिला तो अपने जीवन में एक अलौकिकता का अनुभव हुआ। वह विद्वत्ता, वह प्रतिभा, वह अद्वैत-निष्ठा दुर्लभ थी। उनसे शाङ्कर भाष्य पर भामती टीका पढ़ने की सुकृति हमें प्राप्त हुई।